पंचकूला में अपराधियों की खैर नहीं! जमानत पर बाहर हिस्ट्रीशीटरों की होगी नई निगरानी
Criminals in Panchkula are in for trouble!
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने क्राइम यूनिट्स के साथ बनाई सख्त रणनीति: जमानत पर बाहर हिस्ट्रीशीटर, आदतन और संभावित अपराधियों का होगा सत्यापन शुरु
पंचकूला में जुआ, नशा तस्करी और हथियार तस्करी से जुड़े संवेदनशील ठिकानों की पहचान की, क्राइम यूनिट्स की विशेष टीमें गठित, एकजुट होकर कार्रवाई के आदेश
अनसुलझें मामलों की फिर खुलेगी फाइल, नशा और हथियार तस्करी के फरार सप्लायरों तक पहुंचेगी, पुलिस जघन्य एवं गंभीर अपराधों को सुलझानें पर रहेगा फोकस
पंचकूला/ 15 जुलाई:- पंचकूला में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत, अपराध मुक्त एवं सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने आज सेक्टर-4 स्थित पुलिस आयुक्त कार्यालय में विभिन्न क्राइम यूनिट्स एवं महत्वपूर्ण शाखाओं के प्रभारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान जिले में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण, नशा तस्करी, जुआ, अवैध हथियारों के कारोबार तथा आदतन अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए विस्तृत रणनीति तैयार की गई। डीसीपी ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अपराध के प्रति किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा प्रत्येक टीम एकजुट होकर कार्रवाई सुनिश्चित करे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले में जुआ, नशा तस्करी और आर्म्स एक्ट से जुड़े अपराधों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए ऐसे संवेदनशील स्थानों एवं ठिकानों की पहचान कर क्राइम यूनिट्स की विशेष टीमें गठित की जाएंगी। ये टीमें लगातार गश्त, निगरानी और गुप्त सूचना तंत्र के माध्यम से अवैध गतिविधियों पर नजर रखेंगी तथा जुआ और नशा तस्करी के अड्डों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक ने निर्देश दिए कि पूरे जिले में नाकाबंदी को और अधिक प्रभावी बनाया जाए ताकि संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों तथा अपराधियों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जा सके। साथ ही अपराधियों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने तथा अपराध की रोकथाम के लिए नियमित चेकिंग अभियान भी तेज किए जाएंगे।
बैठक के दौरान नशा तस्करी एवं अवैध हथियारों से जुड़े पुराने और लंबित मामलों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक ने निर्देश दिए कि जिन मामलों में मुख्य सप्लायर या अन्य आरोपी अब तक फरार हैं अथवा मामले अनसुलझे हैं, उन पर विशेष फोकस करते हुए तकनीकी एवं मानवीय सूचना तंत्र का अधिकतम उपयोग किया जाए ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर मुख्य आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जा सके।
इसके अलावा आदतन अपराधियों, संभावित अपराधियों तथा जमानत पर बाहर चल रहे हिस्ट्रीशीटर अपराधियों का पुनः सत्यापन एवं निगरानी अभियान भी शुरू किया जाएगा। ऐसे अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी तथा कानून व्यवस्था प्रभावित करने की किसी भी कोशिश पर तत्काल कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि जिले में दर्ज जघन्य एवं गंभीर अपराधों के जिन मामलों का अब तक खुलासा नहीं हो पाया है, उन सभी मामलों की दोबारा समीक्षा कर विशेष टीमों के माध्यम से उनकी जांच को गति दी जाए ताकि प्रत्येक मामले का शीघ्र खुलासा कर आरोपियों को कानून के शिकंजे में लाया जा सके।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने बैठक में कहा कि पंचकूला पुलिस अपराध और अपराधियों के खिलाफ पूरी दृढ़ता के साथ कार्य कर रही है। सभी क्राइम यूनिट्स और संबंधित शाखाओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे आपसी समन्वय, पेशेवर कार्यशैली और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक मामले का शीघ्र निस्तारण करें। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा अपराधियों के खिलाफ निरंतर, प्रभावी और निर्णायक कार्रवाई आगे भी इसी प्रकार जारी रहेगी।